घर में सीलन को कैसे रोके | how to treat damp walls and its causes in hindi

अगर आपने नया घर बनाया है और अभी अभी दीवारे में रंगाई का काम करवाया है पर फिर भी सीलन आ रही है। अगर ऐसा ही रहा तो हर साल आपको उसकी maintenance का खर्चा उठाना पड़ेगा। चाहे आप अपनी तरफ से जितनी मर्जी कोशिश कर ले पर सीलन को रोकना ना मुमकिन सा हो जाता है। आज हम आपको बताएंगे क how to treat damp walls and its causes in hindi. क कैसे आप खुद सीलन का इलाज कर सकते है।

इसके लिए आपको किसी भी ठेकेदार और न ही किसी पेंटर के पास जाना पड़ेगा। जब आप खुद इसके बारे में पूरी जानकारी हासिल कर लोगे तो आपके लिए बहुत आसान हो जायेगा क कैसे इसको ठीक किया जा सकता है. 

घर में सीलन को कैसे रोके how to treat damp walls and its causes

Contents hide
3 FAQ (how to treat damp walls and its causes in hindi)

घर में सीलन किस वजह से आती है ( how to treat damp walls and its causes in hindi)

जब तक आपको यह नहीं पता होगा क सीलन कहा से आ रही है तब तक आप जितना भी उसका ट्रीटमेंट करवा लो उसका कोई फाइदा नहीं होगा। इससे आपका पैसा और समय दोनों में नुक्सान होगा। घर में सीलन का होना तीन कारणों से होता है जो निचे बताये गए है :-

  • रिसाब के कारण होने वाली नमी
  • मौसमी बारिश के कारण होने वाली नमी
  • mosture से होने वाली नमी

रिसाब के कारण होने वाली नमी

लीकेज शब्द से आपको अंदाजा हो जायेगा क यह किसी जगह पर अपने आप होने वाली रिसाब से है। इसमें ध्यान देने वाली बात यह होती है क लीकेज क पता कैसे लगाए जाये। इसकी दो वजह हो सकती है। पहला तो यह तब होता है है जब किसी दीवार से गुजर रहा पाइप टूट जाता है या उसमे किसी तरह का क्रैक आ जाता है। इससे उसमे से लगातार पानी टपक रहा होता है जो dampness का कारण बनता है।

दूसरा अगर आपके शोचलीये में लगा floor trap से पानी पाइप में जाने की बजाए किसी और दिशा में जा रहा है तो वह भी सीलन की वजह बनता है।

घर में सीलन को कैसे रोके | how to treat damp walls and its causes

मौसमी बारिश के कारण होने वाली नमी

मौसमी भारी बारिश की वजह से अकसर घरो में सीलन देखने को मिलती है जिसे हम seasional dampness कहते है. यह आम तौर पर घर की बाहरी दीवारों पर पाए जाती है और ज्यादा नुक्सान करती है. अगर आपके घर की बाहर की दीवार जिसे हम exposed wall कहते है, अगर उसमे कोई क्रैक है, प्लास्टर उतर गया है तो ऐसी जगह से पानी दीवारों पे ठहर जाता है. जो नमी की वजह बनता है. इसके इलावा अगर कोई rain water pipe खराब हो चूका है तो उसमे से लीकेज का होना भी सीलन का कारण बनता है.

घर में सीलन को कैसे रोके | how to treat damp walls and its causes

Moisture से होने वाली नमी

ज्यादा मात्रा में मॉइस्चर का घर में होना एक सबसे बड़ी मुसीबत मानी जाती है. क्योकि यही एक मूल कारण है जिस वजह से आपको हर साल नया पेंट करवाना पढता है. क्योकि सीजनल के केस में सीलन आएगी और अपने आप चले भी जाती है. और जो आप घर में पुट्ठी करवाते हो उसमे इतनी कैपेसिटी तो होती है जो एक समय की सीलन को आगे वढ़ने से रोकती है. लेकिन मॉइस्चर के मामले में आपके घर की पुट्ठी भी कुछ नहीं क्र पाती. जिस वजह से आपको हर साल खर्चा करना पढता है. इससे पपड़ी बन कर पुट्ठी फूलने लगती है और नमक जैसा पदार्थ दीवारों से बाहर निकलने लगता है.

घर में सीलन को कैसे रोके | how to treat damp walls and its causes

घर की दीवारों पर होने वाली नमी को कैसे ठीक किया जाये ( how to treat damp walls and its causes in hindi)

लीकेज से होने वाली सीलन को कैसे ठीक किया जाये (How to treat dampness caused by leakage)

सबसे पहले यह जान ले की जब तक आप पाइप के लीकेज के स्थान तक नहीं पोहंच जाते तब तक इससे होने वाली नमी का आप हल नहीं ढूंढ सकते. जब कही से लीकेज होती है तो सबसे ज्यादा नुक्सान electronic wires में होता है. जो धीरे धीरे गलने लगती है. जिस वजह से दीवारों में करंट भी आ जाता है. इसलिए ऐसी स्थिति में लीकेज वाली जगह से खराब हुए प्लास्टर को हटा कर ही उसका समाधान कर सकते है. आपको इसके लिए थोड़ी बहुत तोड़ फोड़ करनी पड़ सकती है जिससे नमी जड़ से ख़तम हो जाएगी. अगर आप इसकी जगह कोई pvc panels या tiles लगाने की सोच रहे हो तो इससे आपको कोई लाभ नहीं होगा. यह सिर्फ आपके पैसो और समय की बर्बादी होगी.

मौसमी बारिश के कारण होने वाली सीलन को कैसे ठीक किया जाये Dr.fixit की मदद से ( how to treat damp walls caused by seasonal rains with dr.fixit solution)

अगर आपके रेन वाटर पाइप से सीलन दीवार पर आ रही है तो आपको इसमें कुछ ज्यादा तकलीफ नहीं उठानी पड़ेगी. सबसे पहले तो आप सीलन के कारण दीवार से उखड़ा हुआ प्लास्टर निकाल दे। फिर आपको dr. fixit का ट्रीटमेंट करना है. इसे आप online भी खरीद सकते है। आपको इसे सीमेंट के घोल में मिला कर दीवार पर लगाना है। इसे लगाने की पर्किर्या आपको इसके डबे के ऊपर लिखी हुई मिल जाएगी। सबसे पहले आप इसका पहला कोट दीवार पर करे और दूसरा कोट इसके सूखने के बाद करे। आप इसमें आम पेंटर के पेंट करने वाले ब्रश का इस्तेमाल कर सकते है. यह एक प्लास्टिक की परत बना देता है जिससे पानी दीवार के अंदर नहीं जाता। ऐसा करने से seasional seelan का समाधान हो जाता है और दुबारा वहा पर सीलन नहीं आती.

मॉइस्चर से होने वाली नमी को कैसे ठीक किया जाये ( how to treat damp walls caused by moisture)

नमी के कारण होने वाली सीलन को ख़तम करने के एक घरेलू नुस्खा बहुत ही प्रचलित है. आप को सबसे पहले किसी परचून की दुकान से इमली खरीद कर लानी है. उस इमली को पानी में अच्छे से मिला कर एक रात तक रखे. फिर अगले दिन जिस जगह पर सीलन है वहा से प्लास्टर और पुट्ठी को उखाड़ दे. उस जगह को अच्छे से साफ करके उसके ऊपर पेंट के जैसे इमली के पानी का एक कोट लगा देना है। इससे जो ईटों के अंदर जो नमक है जिस वजह से सीलन बढ़ रही थी वो अपने आप बाहर निकल जाएगी. और इसे फिर ऐसे कभी भी सफेद रंग के निशान नहीं आएंगे.

कम खर्चे में घर कैसे बनाये | Low cost house construction in India

FAQ (how to treat damp walls and its causes in hindi)

सीलन से बचने के लिए नया घर बनाते समय किन बातो को ध्यान में रखे (What to keep in mind while building a new house to avoid seelan)

जब आप कोई घर बनाते हो तो उसके brick work के बाद plaster की बारी आती है। प्लास्टर के समय आपको एक मिस्त्री की मदद से अपने पूरे घर की वाटर प्रूफिंग करवानी चाहिए। जिन-जिन जगह पर पानी का इस्तेमाल ज्यादा होता है वह पर वाटर प्रूफिंग करवानी बहुत ज़रूरी है। ता जो आपको बाद में तोड़ फोड़ न करनी पड़े।

घर में किन जगह पर वाटर प्रूफिंग करवानी चाहिए (Where should water proofing be done in the house?)

पानी का इस्तेमाल हमारे घर में कई जगह पर होता है। जैसे की शौचालय, स्नानघर, रसोई आदि. इसके इलावा घर की बाहरी दीवारों पर भी वाटर प्रूफिंग करवा लेनी चाहिए। यह ध्यान में रखे की जहा-जहा से plumbing lines गुजर रही होती है वह पर इसे करना अनिवार्ये है.

घर की बाहरी दीवारों पर वाटर प्रूफिंग कैसे करवाए (How to get water proofing done on exterior walls of house)

बाहरी दीवारों पर वाटर प्रूफिंग करवाने से आपका ज्यादा खर्च नहीं आएगा. सबसे पहले तो आप अपनी घर की जो बहार की दीवारे होती है वह से कम से कम plinth level से 6 इंच ऊपर उठा कर वाटर प्रूफिंग कर देनी है। आपको dr. fixit खरीदना है और उसे brick work के ऊपर बताये गए अनुसार लगा देना है.

वाटर प्रूफिंग करवाने में कितना खर्च आता है (How much does it cost to get water proofing done?)

इसका खर्चा एरिया के हिसाब से निकला जाता है. जितना ज्यादा एरिया होगा उतना ज्यादा खर्चा आएगा.

कैसे पता चलेगा कि घर में सीलन की वजह नमी है या मौसमी बारिश (How to know whether the dampness in the house is due to moisture or seasonal rains?)

नमी की वजह से होने वाली सीलन में सफेद शोरा दीवार से निकलने लगता है. जो एक रुई या नमक जैसा दिखाई देता है. यह आम तौर पर घर में बाथरूम के साथ लगती हुई दीवार पर होता है. अगर बाथरूम का फ्लोर और दीवार के बीच में कोई क्रैक हो या फिर टाइल्स में ग्राउटिंग अच्छे से नहीं की गयी होती। तब वहा से पानी लगातार दीवार में जाता रहता है. जिससे दीवार की ईटे पानी को सोख लेती है जिससे उसमे से नमक जैसा निकलना शुरू हो जायेगा.

किसी दीवार पर सीलन की मात्रा कैसे पता करे (how to find the amount of dampness on a wall)

सीलन का कारण हम दीवार को सिर्फ छूने से भी पता लगा सकते है. सबसे पहले आपको उस दीवार पर हाथ रख कर उसका तापमान देखना है जहा सीलन नहीं है. और फिर आपको ऐसे है सीलन वाली दीवार को देखना है. अगर आपको सीलन वाली दिवार पर हाथ रखने से गीलापन महसूस हो रहा है तो उसे तीन और चार दिन लगातार चेक करे. ऐसे आप पता लगा सकते है क दीवार में सीलन है या नहीं.

क्या दीवार पर टाइल्स लगाने से सीलन रुक जाती है (Does applying tiles to the wall stop dampness?)

ऐसी स्थिति में कुछ लोग सीलन का समाधान करने के लिए टाइल्स का इस्तेमाल करते है. इसमें ध्यान देने वाली बात यह है अगर आपके घर में लीकेज की समस्या है तो वह पर भूल क्र भी टाइल्स न लगाए. क्योकि टाइल्स लगाने से इसे रोका नहीं जा सकता. यह टाइल्स को भी उखाड़ सकती है और साथ ही दीवार की मजबूती को भी ख़तम करने लगती है.

दीवार अंदर और बाहर में होने वाली सीलन का कैसे पता लगाया जा सकता है (how to detect dampness in internal and external walls)

दीवार को छूने से उसका तापमान पता लगाने के इलावा एक और रास्ता है जिससे आप सीलन का पता लगा सकते हो. जिसमे आपको एक नोकीली चीज का इस्तेमाल करना होगा. जिसमे आप अपनी बाइक या गाड़ी की चाभी का भी प्रयोग कर सकते है. उस चाभी को अपने सीलन वाली दीवार से रगड़ना है. अगर ऐसे करने से दीवार से पुट्ठी भी निकल रही है तो यह आपको बताता है क सीलन की मात्रा बहुत ज्यादा हो चुकी है. इस प्रकार की नमी सबसे खतरनाक मानी जाती है. जिसका जल्द से जल्द हल ढूंढ़ना बहुत जरूरी है. नहीं तो यह आपकी दीवार की मजबूती को ख़तम कर देगी. थोड़े दिनों में प्लास्टर झड़ जायेगा और ईटे दिखने लग जाती है.

Conclusion:-

अत: घर में सीलन की ज्यादा मात्रा होना कुछ बिमारिओ का कारण भी बनती है. जिसका समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है. इसीलिए किसी भी नए घर की कंस्ट्रक्शन शुरू करने से पहले अगर आप अपने घर में वाटर प्रूफिंग ट्रीटमेंट करवा लेते है तो बाद में आपको फालतू का खर्चा नहीं उठाना पड़ेगा. वाटर प्रूफिंग के लिए आप जिस भी प्रोडक्ट का इस्तेमाल करने जाओ सबसे पहले उसके रिजल्ट्स जरूर देख लेने चाहिए. अगर आप सीलन को छुपाने के लिए टाइल्स का इस्तेमाल करने जा रहे हो तो कभी भी लीकेज वाले स्थान पर टाइल्स न लगाए. क्योकि लीकेज तब तक बंद नहीं होती जब तक आप उसका समाधान ना कर सकते. 

Read Also:-

Wallpaper roll size and price in India with proper guidelines for applying on walls

Brick Cladding Price in India and guidelines for interior and exterior walls

Perfect kitchen interior design with new trending suggestions and colors 2021

Curtains or blinds which is better? full explanation 2021

Sharing Is Caring:

Greetings of the Day. This is Honey. I am providing my Services in the Subject of Architecture, Vastu Shastra, Civil Engineering, and Interior Designer. I hope you like my content and please share it with your near and dears. If you have any queries you can contact me on the contact us page.

Leave a Comment